हिंदी दिवस Posted on September 14, 2024September 23, 2024 By Poulomi Dey आज हिंदी दिवस के उपलक्ष में आप सबको हार्दिक शुभकामनाएं| १४ सितम्बर १९४९ को भारत सरकार ने संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा के रूप में मान्यता दी थी। इसी निर्णय के महत्व को प्रतिपादित तथा प्रत्येक क्षेत्रों में प्रसारित करने के लिए १९५३ से पूरे भारत में १४ सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है| हिंदी दिवस न केवल हिंदी भाषा की प्रतिष्ठा का प्रतीक है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। भाषा के रूप में स्थापित करने के लिए काका कलेलकर, हज़ारी प्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास एवं प्रधान रूप से व्यौहार राजेन्द्र सिंह के अथक प्रयास का महान योगदान रहा। हिन्दी दिवस का मूल उद्देश्य हिन्दी भाषा को विकास और लोगों के मन में भाषा के प्रति उत्सुकता और जागरूकता बनाए रखना है | गांधी जी ने १९१८ के हिन्दी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी भाषा को राजभाषा बनाने को कहा था। इसे गांधी जी ने हिन्दी को जनमानस की भाषा भी कहा था। बोलने वालों की संख्या के अनुसार अंग्रेजी और चीनी भाषा के बाद हिन्दी भाषा पूरे दुनिया में तीसरी सबसे ज़्यादा बोली जाने वाली भाषा है। परन्तु उसे पढ़ने, समझने, और लिखने की संख्या बहुत कम है साथ ही अंग्रेजी जैसे शब्दों का भी अधिक प्रभाव होने के कारण भाषा विलुप्त होने की सम्भावना बढ़ गई है। इसी कारण हेतु भारतीय सरकारी विद्यालयों एवं कार्यालयों में १४ सितम्बर से एक सप्ताह तक हिन्दी सप्ताह मनाया जाता है। भारत के विभिन्न कार्यालयों एवं विद्यालयों में प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती है। इस दिन छात्र-छात्राओं को हिन्दी के प्रति सम्मान और दैनिक व्यवहार में हिन्दी के उपयोग करने आदि की शिक्षा दी जाती है। जिसमें हिन्दी निबन्ध लेखन, वाद-विवाद हिन्दी टंकण प्रतियोगिता आदि होता है। आइए हम भी हिंदी भाषा का अधिकाधिक उपयोग करने का प्रण लें और हिंदी भाषा को विलुप्त होने से बचाएँ क्योंकि भाषा, जो मातृरूप भी होती है, हमारी संस्कृति और धरोहर को बनाए रखती है। लेख (article)
हिंदी वर्णमाला में ळ का जुड़ना Posted on January 18, 2025January 19, 2025 अगस्त २०२४ में भारत सरकार के केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय ने हिंदी वर्णमाला में संशोधन करते हुए “ळ” को विशिष्ट व्यंजन के रूप में शामिल किया है। अपनी हिन्दी में अब कुल वर्णों की संख्या 52 से बढ़कर 53 हो गई है। ळ वर्ण का उपयोग नया नहीं है | हिंदी… Read More